الذريعة إلى أصول الشريعة - السيد الشريف المرتضي - الصفحة ٤٦٠
٦٥٨، ٦٦٥، ٦٦٦، ٧٨٨.
التّميّز (تميّز النّبيّ من المتنبّي): ٦٥٩، ٦٦٥ (بالظّنّ لا تتميّز الأشياء): ٦٧٩.
التّناسخ (ذ): ٤٨١.
التّناظر (تناظروا و تنازعوا): ٧٢١.
تنافي: ٣١٤، ٣١٥.
التّناقض (بلام و بدونه، و ما يشتقّ منه أو يقاربه): ٢٥٨، ٢٥٩، ٢٧٨، ٢٨٨، ٣٢٠، ٣٢٢، ٦٦٠، ٦٧٤، ٦٩١، ٦٩٢، (الأدلّة لا تتناقض): ٧٠٩، ٧٥٦.
تناول (... مال الغير بغير اذنه): ٨٢٤، (...
العين و منع المالك منها): ٨٢٦.
التّنبيه (... على طريقة من الاجتهاد): ٥٤٤، (... على النّظر): ٥٤٥، ٥٥٣، ٦٨٣ (... على العلّة): ٧٩١.
التّنفير: ٥٧١، ٦٢٨.
التّواتر: ٥٠٧، ٥١٨، ٥٣٢، ٥٣٦ (حدّ.).:
٥٣٩ تا ٥٤٢، ٥٤٥، (صفة.).:
٥٥٦، ٦٩٦، ٧٣٠.
التّواطؤ (معرّفا و منكّرا، و ما يشتقّ منه):
٤٨٦، ٤٩٠، ٤٩٩ تا ٥٠٣، ٥٠٦.
التّوبة: ٢٧٠ تا ٢٧٣.
التّوجّه إلى القبلة: ٦٧٧، ٦٧٨، ٦٨٠.
التّوحيد: ٣، ٤٢٤، ٤٢٨، ٥٤٥، ٦٢٦، ٧٩٣، ٧٩٦، ٧٩٨.
تورّث: ٣١٨.
التّوريث (معرّفا و منكّرا): ٣١٨، ٧٣٤.
توسّع: ١٤.
التّوصّل إلى معرفته: ٨١٨.
التّوضّؤ (و ما يشتقّ منه). ١٨، ٤١٢، ٤٣٩.
توفيق: ٦٤٩.
التّوقّف (و ما يشتقّ منه): ١٠٤، ١٠٩، ١٣١، ١٤٢، ١٤٥، ١٨٥، ١٨٨، ٢٥٤، ٢٥٦، ٢٧١، ٣١٦، ٣١٨، ٤٨٥، ٥٠٧، ٥٥٣، ٥٩٥، ٥٩٦، ٦٠١، ٦٥٣، ٧٠٩، ٧٥٤، ٧٥٥، ٨١٠، ٨٢٩.
التّوقيت (معرّفا و منكّرا): ١٤١، ١٤٢، ١٤٤، ١٤٥، ٤٢٠.