قانون مدنى و فتاواى امام خمينى(با تحقيق جديد) - كيائى، عبد الله - الصفحة ٢٤٩ - مبحث اول در قصد طرفين و رضاى آنها
ماده ١٩٢: در مواردى كه براى طرفين يا يكى از آنها تلفظ ممكن نباشد اشاره كه مبيّن قصد و رضا باشد كافى خواهد بود.
- ر. ك: ٤٦٦/ مس/ ١.
- ٤٦٦ مس ١ ... و از شخص گنگ ....
ماده ١٩٣: انشاء معامله ممكن است به وسيله عملى كه مبيّن قصد و رضا باشد مثل قبض و اقباض حاصل گردد مگر در مواردى كه قانون استثناء كرده باشد.
- (معاطات در عقود يا ايقاع، ر. ك: ٥٦/ مس/ ٣ و ٤).
- ٣٣٩/ مس/ ٦، ٧، ٨، ٩، ١٠.
- ٤٥٧/ مس/ ٨، ٣٣٩/ مس/ ٩ و ١٠.
- ٤٦٦/ مس/ ١.
- ٤٦٦/ مس/ ١ و ظاهر آن است ....
- ٤٩٧/ مس/ ٩ ... و اما اجاره معاطاتى.
- ٤٩٧/ مس/ ٩.
- ٥١٨- صدر مس ١.
- ٥٢٢ مس ٣.
- ٥٤٣/ صدر مس ١.
- ٥٤٦/ مس/ ١٢.
- ٥٧٣/ مس ٣ ... بعيد نيست كه معاطات در آن (شركت) جارى شود.
- ٦٠٧ صدر مس/ ١ ... بلكه با معاطات.
- ٦٠٧ صدر مس ١، ٦٠٨/ مس ١.
- ٦٣٥ صدر مس ١.
- ٦٤٨/ مس/ ٣.
- ٦٥٨/ صدر مس/ ١.
- ر. ك: ٧٩٥/ صدر مس ١ ... و بنابر اقوى به معاطات.
- (لزوم به كار بردن لفظ عربى به قرار امكان در بعضى اعمال حقوقى، لعان، ر. ك: ٨٨٢/ مس/ ١٤).