فرهنگ قرآن - مرکز فرهنگ و معارف قرآن - الصفحة ٢٦٩ - آرامش
يوسف (١٢) ٩٠؛ [١] ابراهيم (١٤) ٥ [٢] و ٤٥؛ [٣] حجر (١٥) ٣٦- ٣٨؛ [٤] نحل (١٦) ٣٨؛ [٥] اسراء (١٧) ٨١؛ [٦] انبياء (٢١) ١٠٥؛ [٧] حج (٢٢) ٤١؛ [٨] نور (٢٤) ٣٥ [٩] و ٥٥؛ [١٠] نمل (٢٧) ٦٢؛ [١١] قصص (٢٨) ٥؛ [١٢] لقمان (٣١) ٢٠؛ [١٣] سجده (٣٢) ٢٨ و ٢٩؛ [١٤] جاثيه (٤٥) ١٤؛ [١٥] فتح (٤٨) ٢٨؛ [١٦] الرحمن (٥٥) ٤١؛ [١٧] حديد (٥٧) ١٦؛ [١٨] صف (٦١) ٩؛ [١٩] ملك (٦٧) ٣٠؛ [٢٠] تكوير (٨١) ١٥ و ١٦؛ [٢١] بروج (٨٥) ١؛ [٢٢] طارق (٨٦) ١٥- ١٧؛ [٢٣] قدر (٩٧) ٤؛ [٢٤] عصر (١٠٣) ١-/ ٣ [٢٥]
مهربانى
مهربانى به محبّت، نوازش، شفقت، رأفت، عطوفت، [٢٦] نيكى و خوشرفتارى [٢٧] معنا شده است.
در اين مدخل از واژههاى «رحمة»، «خُلّت»، «مودّة» و تعبيراتى مانند «يا قومِ» [٢٨]، «يا بُنىّ» و ... استفاده شده است.
اهمّ عناوين: آثار مهربانى، دوست مهربان، محرومان از مهربانى.
آثار مهربانى
١. آرامش
١. آرامش خانواده و پايدارى آن، در پرتو مودّت و
[١] . عللالشرايع، ج ١، ص ٢٤٤، ح ٣.
[٢] . تفسير نورالثقلين، ج ٢، ص ٥٢٦، ح ٧-/ ٨.
[٣] . تفسير عيّاشى، ج ٢، ص ٢٣٥، ح ٤٩.
[٤] . دلائل الامامه، ص ٤٥٣.
[٥] . تفسير عيّاشى، ج ٢، ص ٢٥٩، ح ٢٨.
[٦] . الكافى، ج ٨، ص ٢٨٧، ح ٤٣٢.
[٧] . مجمعالبيان، ج ٧-/ ٨، ص ١٠٦.
[٨] . تفسير قمى، ج ٢، ص ٨٧.
[٩] . مناقب آلابىطالب، ج ٢، ص ٢٠٧.
[١٠] . مجمعالبيان، ج ٧-/ ٨، ص ٢٣٩.
[١١] . تفسير قمى، ج ٢، ص ١٢٩.
[١٢] . التبيان، ج ٨، ص ١٢٩.
[١٣] . كمالالدين و تمامالنعمه، ج ٢، ص ٣٦٨.
[١٤] . تأويل الآيات الظاهره، ص ٤٣٨.
[١٥] . همان، ص ٥٥٩.
[١٦] . تفسير قمى، ج ٢، ص ٣١٧.
[١٧] . تفسير نورالثقلين، ج ٥، ص ١٩٦.
[١٨] . تفسير نورالثقلين، ج ٥، ص ٢٤٢، ح ٦٥.
[١٩] . تأويل الآيات الظاهره، ص ٦٦٢-/ ٦٦٣.
[٢٠] . كفاية الاثر، ص ١٢٠.
[٢١] . الكافى، ج ١، ص ٣٤١.
[٢٢] . الاختصاص، ص ٢٢٤.
[٢٣] . تفسير قمى، ج ٢، ص ٤١٦.
[٢٤] . همان، ص ٤٣١.
[٢٥] . تفسير نورالثقلين، ج ٥، ص ٦٦٦، ح ٥.
[٢٦] . لغتنامه، ج ١٣، ص ١٩٣٤٥، «مهربانى».
[٢٧] . فرهنگ فارسى، ج ٤، ص ٤٤٦٤، «مهربانى».
[٢٨] . هود (١١) ٢٨، اضافه شدن قوم به ضمير متكلّم درخطاب، مفيد عطوفت و مهربانى است. (الميزان، ج ١٠، ص ٢٠٥)