العجاب في بيان الاسباب - العسقلاني، ابن حجر - الصفحة ١٦٨
سورة البقرة:
٧٦: [٣]، ١٠٢: [٢]، ١٠٨: [٢]، ١٠٩: [٢]، ١١٤: [٢]، ١١٥: [٥]، ١٣٨: [٢]، ١٧٧: [٢]، ١٨٣: [٢]، ١٨٦: ٦، ١٨٩: ٦، ١٩٠: [٢]، ١٩٤: [٢]، ١٩٥: ٩، ١٩٦: [٢]، ١٩٧: [٢]، ١٩٨: [٣]، ١٩٩: [٢]، ٢٠٠: [٣]، ٢٠٤: [٢]، ٢٠٧: ٦، ٢١٥: [٢]، ٢٢٣: [٣]، ٢٢٤: [٢]، ٢٢٨: [٢]، ٢٣٢: [٢]، ٢٤٥: [٢]، ٢٥٦: [٤]، ٢٧١: [٢]، ٢٧٢: [٢]، ٢٧٤: [٢].
سورة آل عمران:
٧: [٣]، ١٢: [٢]، ١٩: [٤]، ٢٣: [٤]، ٢٨: [٤]، ٣١: [٤]، ٣٢: [٢]، ٦٥: [٢]، ٧٧: [٤]، ٧٩: [٤]، ٨٦: [٢]، ١٢٨: [٥]، ١٣٥: [٣]، ١٦١: [٤]، ١٦٥: [٢]، ١٦٩: [٤]، ١٨٠: [٢]، ١٨٨: [٥].
سورة النساء:
٢: [٢]، [٣]: [٢]، [٤]: [٤]، [٥]: [٣]، ٦: [٢]، ١١: [٤]، ١٩: [٢]، ٢٤: [٢]، ٣٢: [٢]، ٣٣: [٣]، ٤٣: [٢]، ٤٣: [٤]، ٤٩: [٢]، ٥٩: [٤]، ٦٠: [٣]، ٧٧: [٢]، ٧٨: [٢].
والقول بالتعدد ذهب إليه ابن تيمية[١] والسيوطي[٢] والآلوسي[٣] وهو صنيع كثير من المفسيرين[٤] ونازع فيه بعض المعاصرين[٥] كما أسلفت وأرى أن للتعدد
[١] انظر "الفتاوى الكبرى" "١٣/ ٣٤٠".
[٢] وهذا رأيه الآخير كما في "الإتقان" "١/ ٣٣" وكان في "التحبير" قد قال "ص٧٨":
"فإن استويا "أي الإسنادان" فهل يحمل على النزول مرتين أو يكون مضطربًا يقتضي طرح كلٍ منهما؟ عندي فيه احتمالان، وفي الحديث ما يشبهه".
[٣] انظر "روح المعاني" "٣/ ٢٠٤" ونصه: "ولا مانع من تعدد سبب النزول كما حققوه".
أفدت هذه الإحالة من كتاب "الآلوسي مفسرًا" لأستاذنا الدكتور محسن عبد الحميد "ص٢٢٦".
[٤] انظر على سبيل المثال "زاد المسير" لابن الجوزي.
[٥] أعني الباحث عبد الرحيم أبا علبة في رسالته "أسباب نزول القرآن" "ص٢٣٩".